hindi

जाने कैसे होता है किन्नरों का अंतिम संस्कार, मौत के बाद भी मिलता है दर्द

0 22

किन्नरों को हमारे समाज में सम्मान नहीं दिया जाता है. जब किन्नर की मौत होती है तो कोई भी शौक नहीं मनाता, क्योंकि उनका मानना है कि मृतक किन्नर को नरकीय जीवन से मुक्ति मिल गई. किन्नर बहुचरा माता की पूजा करते हैं और अगर कोई किन्नर मरता है तो सभी प्रार्थना करते हैं कि वह अगले जन्म में किन्नर के रूप में पैदा ना हो.

ऐसी मान्यता है कि किन्नरों की दुआओं में बहुत ताकत होती है. यही वजह है कि जब भी कोई शुभ काम होता है तो किन्नरों को दुआ देने के लिए बुलाया जाता है. हालांकि जब किन्नर की मौत होती है तो उसका अंतिम संस्कार रात में किया जाता .है मौत के बाद उसके शव को जूते-चप्पलों से पीटा जाता है. किन्नरों से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं है जिनके बारे में आप नहीं जानते.

ऐसा कहा जाता है कि किन्नरों को पहले ही पता चल जाता है कि उनकी मौत होने वाली है. वह मरने से पहले अजीब सा व्यवहार करना शुरू कर देते हैं. बाहर आना-जाना, खाना-पीना सब बंद कर देते हैं. किन्नरों के शव को दफनाया जाता है. लेकिन इससे पहले उनके सफेद कपड़े में लपेटा जाता है. उनके शव पर किसी तरह की कोई चीज नहीं बांधी जाती.

किन्नरों का अंतिम संस्कार कोई और ना देखे इसका पूरा ध्यान रखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि अगर किन्नर के शरीर को किसी आम जनता ने देखा तो दिवंगत किन्नर फिर से किन्नर योनि में ही जन्म लेगा. अंतिम संस्कार से पहले किन्नर समुदाय के लोग शव को जूते-चप्पलों से पीटते हैं और प्रार्थना करते हैं कि अब वह अगले जन्म में किन्नर ना बने.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.