hindi

समय और धैर्य दोनों अनमोल हैं, जो इनकी कद्र करते हैं उनको सफलता मिलती है

0 8

एक गांव के बाहर कुटिया में एक संत रहते थे, जो दिन भर ध्यान में बैठे रहते थे और बीच-बीच में जोर से चिल्लाते थे जो चाहोगे वह पाओगे. गांव के लोग उस कुटिया के सामने से गुजरते थे तो यह बातें सुनते थे और सोचते थे कि संत पागल है, इसीलिए चिल्लाता रहता है. एक दिन गांव में नया व्यक्ति आया और उसने भी संत को कहते हुए सुना- जो चाहोगे वह पाओगे. वह यह बात सुनकर कुटिया में पहुंचा. उसने देखा संत ध्यान में बैठे हुए हैं. वह व्यक्ति वहीं बैठ गया.

थोड़ी-थोड़ी देर में संत चिल्ला रहे थे, जो चाहोगे वह पाओगे. जब संत ने आंखें खोली तो सामने बैठे व्यक्ति ने उन्हें प्रणाम किया. व्यक्ति ने कहा- गुरुदेव मैं बहुत गरीब हूं. आप जो बोल रहे हैं क्या उससे मेरी गरीबी दूर हो सकती है. मुझे धन मिल सकता है. संत ने कहा- अगर तुम मेरी बातों को अपने जीवन में उतार लोगे तो यह बात सच हो सकती है. मैं तुम्हें एक हीरा और मोती दूंगा, जिससे तुम धनवान बन सकते हो.

यह बात सुनकर व्यक्ति बहुत खुश हो गया. उसने अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाए. संत ने एक हाथ में अपना हाथ रखा और बोला- यह एक हीरा है जिसे समय कहते हैं और यह दुनिया में सबसे अनमोल है. इसे कभी भी अपने हाथ से निकलने मत देना. संत ने दूसरे हाथ पर हाथ रखते हुए कहा- यह एक मोती है जिसका नाम धैर्य है. जब भी जीवन में बुरा समय आए तो धैर्य नाम के इस मोती को धारण कर लेना. जब तक यह तुम्हारे पास रहेगा तुम्हारे जीवन में दुख नहीं आएगा. तुम धैर्य और समय से जीवन में सब कुछ प्राप्त कर सकते हो.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.