hindi

बुरे समय में धैर्य से काम लें, अच्छा समय जल्दी आएगा, निराश ना हों

0 17

प्राचीन काल में एक राज्य में विद्वान संत रहते थे. एक दिन संत अपने राजा से मिलने पहुंचे. राजा ने ने संत की खूब सेवा की. सेवा से प्रसन्न होकर संत ने जाते समय राजा को एक ताबीज दिया. संत बोले- जब भी आपको लगे कि आप मुसीबत में फंस गए हैं और कोई रास्ता नजर ना आए तो इस ताबीज को खोल लेना. इसमें एक दिव्य मंत्र लिखा है, जिसे पढ़ना. लेकिन बुरे समय में ही इस ताबीज को खोलना.

राजा ने वह ताबीज गले में पहन लिया. कुछ दिन बाद पड़ोसी राजाओं ने उसके राज्य पर आक्रमण कर दिया. राजा अकेला था और शत्रु बहुत ज्यादा थे. उसकी सेना हार गई. ऐसे में राजा अपनी जान बचाकर जंगल में भाग गया और छुप गया. उसने गुफा में शत्रु के सैनिकों के कदमों की आवाज सुनी. अब उसे लगा कि वह फंस गया है और जल्द ही सब खत्म हो जाएगा. सैनिक उसे बंदी बना लेंगे. लेकिन तभी राजा को संत के ताबीज की याद आई.

राजा ने अपना ताबीज खोला और कागज निकाला. उस पर लिखा था यह समय भी निकल जाएगा. यह पढ़कर राजा को सुकून मिला. कुछ समय बाद सैनिक गुफा से चले गए. राजा फिर गुफा से बाहर आया और अपने राज्य में पहुंच गया और जीवित बच गया.

कहानी की सीख 

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि अच्छे हो या बुरे दिन, हमेशा नहीं रहते. सुख दुख आते जाते रहते हैं. इसीलिए दुख में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए. अच्छे दिनों के आने का इंतजार करना चाहिए.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.