hindi

भांग और गांजे में क्या होता है अंतर? आज जान लीजिए, एक है गैरकानूनी तो एक के हैं कई सरकारी ठेके

0 31

हाशिवरात्रि आने पर भांग की चर्चा होने लगती है. ऐसा कहा जाता है कि भोले बाबा को भांग काफी पसंद होती है. इसी वजह से लोग भगवान शंकर को भांग चढ़ाते हैं और उनका प्रसाद मानकर इसे शौक से पीते भी हैं. भांग में नशा होता है. यह सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. जब भांग की चर्चा होती है तो गांजे की चर्चा भी होने लगती है. भांग तो सार्वजनिक तौर पर बिकती है, लेकिन गांजा गैर कानूनी माना जाता है. जबकि भांग और गांजा एक ही फैमिली के होते हैं.

भांग और गांजे में क्या होता है अंतर 

कई लोग भांग और गांजे को अलग-अलग समझते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. दोनों एक ही प्रजाति के पौधे से बनाए जाते हैं. यह प्रजाति नर और मादा के रूप में विभाजित की जाती है. नर प्रजाति से भांग बनती है, जबकि मादा प्रजाति से गांजा बनता है. गांजा और भांग बनाने का तरीका काफी अलग है. 

गांजा इस पौधे के फूल से तैयार किया जाता है और फिर इसे सुखाकर और जलाकर धुएं के रूप में लिया जाता है, जो जल्दी असर करता है. वहीं भांग पौधे की पत्तियों से तैयार की जाती है. इस पौधे को कैनेबिस की पत्तियां कहा जाता है और इसे बीजों को पीसकर बनाया जाता है. 

एक ही पौधे से बनते हैं तो गैर कानूनी क्यों 

पहले गांजे का इस्तेमाल खुले तौर पर होता था. लेकिन 1985 में राजीव गांधी की सरकार ने एनडीपीएस एक्ट के तहत इस पर बैन लगा दिया. लेकिन गांजे और भांग में इतना भेदभाव क्यों होता है. इस कानून में भांग के पौधे यानी कैनबिस के फल और फूल के इस्तेमाल को अपराध की श्रेणी में रखा था. यानी इसके फूल गैरकानूनी है और पत्तियों का इस्तेमाल कानूनी है. 

फिर चरस क्या होता है


चरस कैनेबिस के पौधे से निकले रेजिन से तैयार होता है. रेजिन पेड़-पौधों से निकलने वाला एक चिपचिपा पदार्थ होता है. चरस को हशीश और हैश भी कहा जाता है.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.