hindi

चिपकाने वाली ग्लू बोतल के अंदर क्यों नहीं चिपक जाती, बाहर निकलते ही क्यों चिपकती है? आज जान लीजिए

0 24

जब भी किसी चीज को चिपकाना होता है तो ग्लू का इस्तेमाल किया जाता है. पर क्या आपने सोचा है कि यह ग्लू बोतल के अंदर ही क्यों नहीं चिपक जाता. यह कोई जादू नहीं बल्कि साइंस है. ग्लू कई तरह के केमिकल से मिलकर बनाया जाता है. इन केमिकल को पॉलिमर्स कहते हैं. सफेद रंग के ग्लू में पानी भी होता है जो सॉल्वेंट का काम करता है.

जब तक यह सॉल्वेंट लिक्विड फॉर्म में होता है तब तक इससे कुछ भी नहीं चिपक सकता. जब आप ग्लू को किसी पेपर पर रखते हैं तो इसका सॉल्वेंट भाप बनकर उड़ जाता है. जैसे ही पानी भाप बनता है ग्लू सूखकर हार्ड हो जाता है और चिपचिपे और लचीले पॉलिमर ही बचते हैं, जिससे चीजें चिपक जाती हैं. जबकि ग्लू बोतल के अंदर होता है तो इसमें इतनी हवा नहीं होती कि ग्लू में मौजूद पानी सूखकर उड़ जाए.  अगर आप ग्लू के ढक्कन को कुछ देर के लिए खुला रख देते हैं तो यह सूखने लगता है. अगर आप इसे ऐसे ही खुला छोड़ देंगे तो ग्लू पूरा सूख जाएगा.

सुपर ग्लू के साथ क्या होता है 

जब भी आप किसी चीज को चिपकाना चाहते हैं तो सुपर ग्लू का इस्तेमाल करते हैं. इसे एक खास तरह के केमिकल से बनाया जाता है, जिसका नाम साइनोएक्रेलेट होता है. यह केमिकल हवा में मौजूद पानी के कणों के संपर्क में आते ही केमिकल रिएक्शन करता है, जिससे बॉन्ड बन जाता है और आप चीजें चिपका लेते हैं. इस प्रोसेस को केमिकल एढेशन कहते हैं.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.