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लगातार खाते रहने वालों की तुलना में व्रत रखने वाले जीते हैं ज्यादा लंबी उम्र तक, जाने क्या कहता है साइंस

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लोग व्रत यानी उपवास रखते हैं. आमतौर पर धार्मिक कार्य या तीज त्योहारों पर ईश्वर की आराधना के अंतर्गत व्रत रखा जाता है. व्रत को लेकर लोगों में तरह-तरह की धारणाएं हैं. नास्तिक वर्ग इसे ईश्वर की अंधभक्ति बताता है, तो वहीं विज्ञान इसे सेहत के लिए फायदेमंद बताता है. भारत में व्रत रखने के पीछे प्रमुख कारण पूजा-पाठ, तीज-त्योहार या फिर किसी मन्नत से जुड़े हुए हैं. लेकिन व्रत रखने से कोई नुकसान नहीं, बल्कि कई तरह के फायदे होते हैं. यह आपको पता होना चाहिए.

व्रत रखने वालों का डाइजेस्टिव सिस्टम काफी अच्छा रहता है. इससे और भी कई फायदे होते हैं. यह हमें एजिंग से जुड़ी समस्याओं से भी बचाकर रखता है और बढ़ती उम्र में भी हमें सुरक्षा प्रदान करता है. व्रत रखने यानी भोजन ना खाने की वजह से हमारे शरीर के सिर्केडियन क्लॉक और फास्टिंग संचालित कोशिकीय प्रतिक्रियाओं पर सीधा असर पड़ता है. चूहों पर इसको लेकर एक स्टडी की गई जिसमें पाया गया कि जब उन्हें 24 घंटे तक खाना नहीं दिया गया तो उनकी ऑक्सीजन और ऊर्जा की खपत हो गई.

भोजन ना करने से होते हैं फायदे 

भोजन ना करने से मनुष्य को क्या फायदे होते हैं, इसको लेकर कई स्टडी की गई हैं. एक स्टडी में पाया गया कि अगर हम नियमित रूप से व्रत या फास्ट करें, इससे हमारे शरीर के सिस्टम पर अच्छा प्रभाव देखने को मिलता है. स्टडी में यह पाया गया कि 24 घंटे तक चूहों को खाने को कुछ नहीं दिया गया. उन्हें केवल पानी दिया गया तो ऐसे चूहों की लाइफ सामान्य चूहों से 5 फ़ीसदी ज्यादा रही. भोजन ना करने से मोटापा कम होता है. फास्टिंग के कारण हमारे शरीर में एक खास प्रोटीन बनता है, जो ब्रेन सेल्स को सुरक्षा प्रदान करता है और कार्यशैली भी बेहतर बनाता है, जिससे हमारी याददाश्त भी मजबूत होती है. व्रत रखने से हमारी पाचन क्रिया भी काफी मजबूत होती है.

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