hindi

सादे कागज पर साइन कर कोई आपसे ले ले 10 लाख उधार और फिर चुकाने से कर दे मना, तो क्या करें

0 24

एक-दूसरे की मदद करना हर इंसान के व्यवहार में शामिल रहा है. चाहे यह मदद मानसिक व आर्थिक हो या शारीरिक हो. बैंक भी पैसों की मदद करता है. लेकिन हर कोई बैंक से लोन नहीं ले पाता. ऐसे में लोग अपने दोस्त, रिश्तेदार, जान-पहचान वाले से उधार मांग लेते हैं और लोग जरूरत पड़ने पर अपने रिश्तेदारों की मदद कर भी देते हैं. लेकिन बहुत सारे ऐसे मामले हैं जिसमें स्टांप पेपर या सादे कागज पर सिग्नेचर करवा कर उधार पैसा दे दिया जाता है. लेकिन जब सामने वाला वापस उधार वापस चुकाने से मना कर देता है तो दिक्कत खड़ी हो जाती है. ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए आज जान लीजिए.

क्या सादे कागज पर साइन माना जाएगा सबूत 

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट की अधिवक्ता शुभम भारती के मुताबिक, सादा कागज हो या स्टांप पेपर, अगर आपने उस पर कर्जदार के साइन करवा रखे हैं और आप सोच रहे हैं कि आपके पैसे बहुत आसानी से मिल जाएंगे और ना मिलने पर आप कानूनी तरीके से आसानी से वसूल लेंगे तो यह इतना भी आसान नहीं है. आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

सिविल कोर्ट में करना होगा केस 

लिखित समझौता होने के बावजूद कर्जदार एग्रीमेंट मानने से मना कर देता है तो आपको उसके खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज करना होगा. यह केस दर्ज होते ही सुनवाई होगी, जिसके लिए आपको चक्कर लगाने होंगे. हालांकि आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. फैसला आपके पक्ष में आया तो आपके कर्जदार को आपका पैसा वापस लौटाना होगा. हालांकि इसमें उसे जेल या कोई बड़ी सजा नहीं होती है.

अगर आप अपनी जान पहचान वाले को बिना किसी लिखित कार्रवाई के पैसे दे देते हैं तो आपके पैसे मिलना बहुत मुश्किल हो जाएंगे. हालांकि अगर आप कर्ज देते समय मौजूद लोगों में से 2 गवाहों को पेश किया है तो आपके पैसे वापस मिल जाएंगे. ऐसे में आपको पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी. आप सीधे कोर्ट में जाकर भी केस फाइल कर सकते हैं.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.