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पिस्तौल या बंदूक के लिए कैसे मिलता है लाइसेंस? बिल्कुल नहीं है आसान, बेलने पड़ते हैं बहुत पापड़

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पिस्तौल, बंदूक वगैरह हथियारों की जरूरत पुलिस, सुरक्षाबलों, सेना आदि के अलावा लोगों को भी पड़ जाती है. गुंडे-बदमाश भी हथियार रखते हैं. हालांकि आम नागरिक सेल्फ डिफेंस में के लिए हथियार रख सकते हैं. हालांकि इसके लिए उन्हें पहले लाइसेंस बनवाना पड़ता है. लाइसेंस बनवाना बिल्कुल भी आसान नहीं होता. गन लाइसेंस बनवाने के लिए आपकी उम्र 21 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और आप के खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज ना हो. साथ ही पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो. 

आपको गन लाइसेंस क्यों लेना है, इसका कारण भी बताना होता है. आपको लाइसेंस लेने के लिए पहचान प्रमाण पत्र, एड्रेस प्रूफ, मेडिकल सर्टिफिकेट, आयु प्रमाण पत्र की जानकारी, संपत्ति की जानकारी आदि देनी होती है. आपको इसके लिए राज्य डीएम यानी जिला अधिकारी. जिला कलेक्टर कमिश्नर, अधिकारियों को आवेदन के पास आवेदन करना होता है और उन्हें बताना होता है कि आपको किस तरह का हथियार चाहिए. इसके बाद पुलिस स्टेशन में आपका वेरिफिकेशन होगा. आपके बारे में जांच पड़ताल की जाएगी. अगर सब कुछ सही पाया जाता है तो आपके आवेदन को वापस डीएम कार्यालय भेज दिया जाता है. अगर सब कुछ सही मिलता है, तो आप को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा. 

लाइसेंस जारी होने के बाद ही आप हथियार खरीद सकते हैं. इसके बाद आपको प्रशासन के पास हथियार की डिटेल दर्ज करानी होंगी. आपको गोलियों के लिए भी अनुमति लेनी होती है. गोलियों का एक फिक्स कोटा होता है. आपने गोलियां कहां खर्च की है, इसका रिकॉर्ड भी रखना होता है. तभी आपको नई गोलियां दी जाती हैं. अगर आपने गलत काम के लिए गोलियां चलाई हैं, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. बंदूक का लाइसेंस 5 साल की अवधि तक ही वैलिड रहता है. इसके बाद आपको फिर से इसे रिन्यू कराना पड़ता है. अगर आप नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो आपको 10 साल तक की कैद हो सकती है.

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