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8 महीने के बैन के लिए पृथ्वी शॉ ने अपने पिता को ठहराया जिम्मेदार, किया बड़ा खुलासा

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युवा भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के ऊपर 2019 में बीसीसीआई ने डोपिंग टेस्ट में फेल होने की वजह से 8 महीने का बैन लगाया था. पृथ्वी शॉ पर बैकडेट से बैन लगा था जिस वजह से उन्होंने 4 महीने बाद की मैदान पर वापसी कर ली थी. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के विरुद्ध टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में जगह मिली.

पृथ्वी शॉ ने अपने बैन के बारे में क्रिकबज से बातचीत करते हुए कहा- फरवरी 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलते समय उन्हें सर्दी और बुखार हो गया था. तब उनके पिता ने उन्हें खांसी की दवाई लेने को कहा. उन्हें नहीं पता था कि यह मेडिसिन प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में आती है. इस वजह से उन्हें डोपिंग के उल्लंघन का दोषी पाया गया.

उन्होंने आगे कहा कि कफ सिरप विवाद के लिए मैं और पिताजी जिम्मेदार हैं. मुझे याद है कि मैं इंदौर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेल रहा था. उस समय मुझे सर्दी-खांसी थी. इसीलिए मैं रात के खाने के लिए बाहर चला गया. तभी मैंने पापा को फोन लगाया कि मुझे खांसी जुकाम है. उन्होंने मुझसे बाजार से कफ सिरप लेने को कहा. मैंने उस समय अपने फिजियो को यह नहीं बताया, जो मेरी गलती थी.

पृथ्वी शॉ ने आगे बताया कि मैंने 2 दिन तक यह मेडिसिन ली. तीसरे दिन मेरा डोप टेस्ट हुआ. तभी मैं प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने में पॉजिटिव पाया गया. मेरे लिए वह समय बहुत ही मुश्किल था, जिसे मैं बयां नहीं कर सकता. मैं यह सोच रहा था कि लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं. इसी वजह से मैं इन सब चीजों से दूर रहने के लिए लंदन चला गया. मैं वहां भी अपने कमरे से बाहर ज्यादा नहीं निकलता था.

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