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इंग्लैंड सीरीज और WTC के फाइनल से इस क्रिकेटर को बाहर करने पर भड़के पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद

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शुक्रवार को बीसीसीआई ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया. 20 सदस्यीय टीम में स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी की वापसी हुई. जबकि ऑलराउंडर क्रिकेटर हार्दिक पांड्या को टीम में जगह नहीं दी गई. हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल किए जाने पर भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी.

एमएसके प्रसाद ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर वो गेंदबाजी नहीं कर पाता तो इसका मतलब यह नहीं कि आप उसे एक शुद्ध बल्लेबाज मान लें. इंग्लैंड दौरे के लिए जाते तो उनकी भूमिका एक बल्लेबाज से अधिक होनी चाहिए. इस साल की शुरुआत में हार्दिक पांड्या 4 मैचों की सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम का हिस्सा थे. एमएसके प्रसाद ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए बताया कि मुझे लगता है कि वास्तव में उन्हें गेंदबाजी नहीं करने के लिए कहा गया था. ताकि वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल सके. हो सकता है कि वो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड दौरे के लिए उसे संरक्षण दे रहे हो.

लेकिन अगर आपके पास हनुमा बिहारी और मिडिल ऑर्डर में अन्य खिलाड़ी है तो वो किसी भी तरीके से शुद्ध बल्लेबाज के रूप में टीम में जगह नहीं पा सकते. पिछली बार जब भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेली थी, तब पांड्या ने एक मैच में पांच विकेट लिए थे.आगे एमएसके प्रसाद ने कहा- भारत को ऑलराउंडर से कुछ इस तरह की अपेक्षाएं होंगी. अगर वो गेंदबाज का गेंदबाजी के लिए फीट है, तभी उसे चुना जाना चाहिए. अगर वो गेंदबाजी नहीं कर सकता तो उसे नहीं चुना जाना चाहिए.

यह कहना उतना ही सरल है. जैसे कहना कि उसे टीम में तभी होना चाहिए, जब वो गेंदबाजी करें और टीम को एक ऑलराउंडर के रूप में बैलेंस करेगा. यदि वो 1 दिन में 12 से 15 ओवर गेंदबाजी करता है तो उसकी तरफ से एक बड़ा योगदान होगा. उसने साल 2018 में में नॉटिंघम में किया था, जब उसने पांच विकेट लिए थे.

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