Feb 13, 2024, 08:00 IST

भारतीय टीम ने जब जीता था अपना पहला वर्ल्ड कप, तब अंग्रेजी पत्रकार को खाना पड़ गया था अपना लेख

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कपिल देव की कप्तानी में पहली बार भारतीय टीम ने 1983 में वनडे विश्व कप जीता था. लेकिन 1983 वर्ल्ड कप के दौरान कुछ ऐसा हुआ था जिस कारण अंग्रेज पत्रकार को अपना लिखा हुआ लेख खाना पड़ा था. इसके पीछे की वजह थे मान सिंह. आइए जानते हैं मानसिंह से जुड़ा हुआ वो किस्सा 

बहुत ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि टीम इंडिया ने 1983 विश्व कप जीतने के बाद मानसिंह ने कथित तौर पर विजडन क्रिकेट मंथली के संपादक डेविड फ्रिथ को एक पत्र लिखा था. बता दें कि डेविड फ्रिथ वहीं व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीय टीम के 1983 के विश्व कप जीतने की संभावना ना के बराबर बताई थी. उन्होंने लिखा था- भारतीय टीम विश्व कप खेलने के लायक नहीं है. अगर भारतीय टीम टूर्नामेंट जीतेगी तो वो आर्टिकल के पूरे पन्ने को ही खा जाएंगे. 

हालांकि डेविड फ्रिथ की यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई. वर्ल्ड कप जीतने के बाद मानसिंह नि विजडन पत्रिका को एक चिठ्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि डेविड फ्रिथ को अपने कहे के मुताबिक अब अपनी बातों पर अमल करना चाहिए. हालांकि मानसिंह ने फ्रिथ को कागज खाने के दौरान ठंडे या गर्म तरल पदार्थ की मदद लेने की छूट भी दी थी. 

डेविड फ्रिथ पूरी तरह से शर्मसार थे. पत्रिका ने सितंबर 1983 में मान सिंह के पत्र की एक कॉपी शेयर की थी, जिसमें डेविड फ्रिथ के मुंह में एक कागज का टुकड़ा था. जिसका शीर्षक था- भारत ने मुझे मेरे शब्दों को खाने पर मजबूर कर दिया. विजडन ने जो तस्वीर पोस्ट की, उसमें वो कागज के टुकड़े में चॉकलेट मिलाकर खा रहे थे और उनका चेहरा पूरी तरह से लटका हुआ था.

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