Sat, 14 May 2022

स्कूल में पढ़ते हुए किया अंतरराष्ट्रीय डेब्यू और बन गया सबसे युवा कप्तान, लेकिन मिली जान से मारने की धमकी तो लिया संन्यास

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विश्व क्रिकेट में एक से बढ़कर एक बेहतरीन क्रिकेटर हुए, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाई और पूरी दुनिया में नाम कमाया. आज हम आपको एक ऐसे ही क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने स्कूल में पढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कर लिया था और यह खिलाड़ी अपनी टीम का सबसे युवा कप्तान भी बना था. लेकिन जब इस खिलाड़ी को जान से मारने की धमकी मिली तो उसने क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. 

हम बात कर रहे हैं जिंबाब्वे के पूर्व कप्तान तातेंदु तायबो की, जिन्होंने स्कूल में पढ़ते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. आज तातेंदु तायबो का जन्मदिन है. वह 39 साल के हो गए हैं. तायबो ने बहुत ही कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. उन्होंने 2001 में जिंबाब्वे की ओर से टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया, तब वह स्कूल में पढ़ रहे थे. उन्होंने टेस्ट में भी कई बड़े रिकॉर्ड बनाए. 

तातेंदु तायबो 2004 में मात्र 20 साल और 358 दिन की उम्र में जिंबाब्वे टेस्ट टीम के कप्तान बने और वह सबसे कम उम्र के टेस्ट कप्तान थे. उन्होंने भारतीय क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी का रिकॉर्ड भी तोड़ा था. लेकिन 2019 में राशिद खान ने 20 साल 350 दिन की उम्र में अफगानिस्तान का कप्तान बनकर उनका यह रिकॉर्ड तोड़ दिया. जिस समय तातेंदु तायबो जिंबाब्वे की टीम के कप्तान बने थे, तब उनकी टीम बहुत ही खराब दौर से गुजर रही थी. 

2005 में साउथ अफ्रीका दौरे पर जिंबाब्वे की टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. जिसके बाद तातेंदु तायबो ने जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड पर कई आरोप लगाए थे. उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तातेंदु तायबो को मुगाबे सरकार की ओर से जान से मारने की धमकी मिलने लगी और इसका नतीजा यह हुआ कि तायबो ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी. 2001 में तातेंदु तायबो ने इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उन्होंने अपने करियर में 28 टेस्ट मैच खेले. अपने देश की ओर से तातेंदु तायबो ने 17 T20 मैच भी खेले थे.

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