Feb 12, 2024, 21:45 IST

27 बच्चों की उनके माता-पिता बनकर उनकी सेवा कर रहा है ये कपल, सारा खर्चा खुद उठाते हैं दोनों

बी

गुजरात के उलपेटा तालुका की किरण पिठिया और उनके पति रमेश पिठिया ने शादी के बाद उनन दिव्यांग बच्चों की सेवा करना शुरू कर दिया, जिनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति का अच्छी नहीं है या जो दूसरों के सहारे अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. इस कपल का लक्ष्य दिव्यांगों की सेवा करना ही है. दरअसल किरण का बचपन उनके दिव्यांग भाई के साथ बीता. इस वजह से वह ऐसे बच्चों की परेशानियां अच्छे से समझती हैं. जबकि रमेश एक स्पेशल एजुकेटर हैं, जो उलपेटा के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं. 

किरण हमेशा से ही ऐसे बच्चों के लिए कुछ करना चाहती थी. जब इस बारे में उन्होंने अपने पति को बताया तो उनके पति ने भी उनका साथ देने का फैसला कर लिया. उस समय किरण 25 साल की थीं और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थीं. तब उन्होंने संस्था बनाने का फैसला किया और नौकरी छोड़ दी. शुरुआत में उनके साथ 10 बच्चे जुड़ गए, जिनके लिए उन्होंने किराए पर एक घर लिया, जहां सारी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. उन्होंने अपनी संस्था का नाम दिव्य ज्योत दिव्यांग रखा है. उन्होंने बच्चों की सेवा के लिए दो-तीन लोगों को भी काम पर रखा है.

रमेश इन बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग देते हैं और उनकी पढ़ाई का भी ध्यान रखते हैं. शुरुआत में इस संस्था को चलाने के लिए उनके हर महीने ₹50,000 तक खर्च होते थे. लेकिन धीरे-धीरे लोगों को उनके इस काम के बारे में पता चलने लगा और उनको मदद मिलने लगी. अपने जन्मदिन पर या खास मौके पर लोग इन बच्चों को तोहफे और पैसे दे जाते हैं. किरण का एक 6 साल का बेटा भी है. वह अपने बेटे का भी पूरा ध्यान रखती हैं और दिव्यांगों की भी दिल से सेवा करती हैं. फिलहाल उनके संस्था में 27 बच्चे हैं. वह और ज्यादा बच्चों की मदद करना चाहती हैं.

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