Feb 12, 2024, 20:10 IST

ठेले पर चाय बेचने वाले संजय हर रोज गरीबों को मुफ्त में खिलाते हैं चाय-बिस्किट

N

ये कहानी है धर्म नगरी गया के रहने वाले संजय चंद्रवंशी की, जो सुबह उठते ही गरीबों की सेवा में लग जाते हैं. वह शहर के गौतम बुद्ध मार्ग के गोल पत्थर मोड़ के समीप ठेले पर चाय बेचते हैं. उनकी दिनभर चाय, जूस और सत्तू बेचने से जो कमाई होती है, उसे वह गरीबों को और विक्षिप्त लोगों को खाना खिलाने में खर्च कर देते हैं. दूसरों की मदद करने की यह परंपरा उनके परिवार में सदियों से चली आ रही है.

संजय खुद आर्थिक रुप से कमजोर हैं. लेकिन फिर भी वह हर रोज 20 से 25 गरीब, भूखे, विकलांग लोगों की मदद करते हैं. सुबह जब वह चाय का ठेला लगाते हैं तो वहां गरीबों की भीड़ लग जाती है, जिन्हें वह सुबह चाय-बिस्किट देते हैं. गर्मियों में दोपहर में उन्हें दो-दो ग्लास सत्तू पिलाते हैं. सर्दियों के मौसम में गरीबों के लिए अलाव भी जलाते हैं और उन्हें कंबल, स्वेटर और कपड़े भी बांटते हैं.

संजय उन लोगों की भी मदद करते हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते हैं. इतना ही नहीं आसपास के डॉक्टर संजय का नाम लिए जाने पर मरीज का इलाज कम फीस में ही कर देते हैं. संजय गरीबों के लिए एक रैन बसेरा भी बनाना चाहते हैं. संजय की पत्नी अनीता को पहले उनका यह काम अच्छा नहीं लगता था. लेकिन बाद में वह भी इस काम में उनकी मदद करने लगी.

अब उनके बेटे गौतम भी इस काम में उनकी मदद करते हैं. संजय कहते हैं कि वह भले ही आर्थिक रूप से कमजोर हों, लेकिन जीवनभर गरीब और असहायों की सेवा करते रहेंगे और वो यह भी चाहते हैं कि उनकी आने वाली पीढ़ी भी यह काम करे.

Advertisement