Feb 12, 2024, 20:09 IST

ये पति-पत्नी 40 सालों से रोजाना 1500 पक्षियों को खिलाते हैं दाना-पानी, घर को बना दिया है पक्षी अभ्यारण्य

N

ये कहानी है 85 साल के रामजीभाई की, जो सरकारी स्कूल में टीचर थे. लेकिन रिटायर होने के बाद उन्होंने गुजरात के सीहोर के रामटेकरी इलाके में एक छोटा सा आश्रम बनाया, जिसका नाम उन्होंने पक्षी तीर्थ आश्रम रखा है. इस आश्रम में जरूरतमंद लोगों और पक्षियों की सेवा की जाती है. पिछले 40 सालों से राम जी भाई अपनी पत्नी के साथ मिलकर हर रोज यहां पक्षियों को दाना-पानी डालते हैं.

ये जगह किसी अभ्यारण में से कम नहीं है. अलग-अलग पक्षियों के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह की व्यवस्था कर रखी है. हर रोज उनके आश्रम में 1500 से ज्यादा पक्षी खाने के लिए आते हैं. रामजीभाई एक भी दिन की छुट्टी नहीं लेते हैं, क्योंकि अगर वह आराम करेंगे तो पक्षियों को खाना नहीं मिल पाएगा. 

हर रोज सुबह उठकर ही वह पक्षियों के लिए लटकाए हुए डिब्बों में दाना और पानी भरना शुरू कर देते हैं. वहीं उनकी पत्नी हिरा बेन आश्रम में आने वाले पशुओं के लिए रोटियां बनाती हैं. उनके आश्रम में जरूरतमंद व्यक्तियों की भी मदद की जाती है. शुरुआत में तो रामजीभाई को अपने पैसों से सारा काम करना पड़ता था. लेकिन अब लोग भी इस काम में उनकी मदद करते हैं.

रामजीभाई सीताराम नाम से मशहूर हैं. उन्होंने अपने आश्रम में फलों के पेड़ भी लगा रखे हैं, जिनको पक्षी खाते हैं और रामजी भाई के परिवार वाले भी समय-समय पर आश्रम में लोगों की मदद करने आते रहते हैं. उनके आश्रम में हर रोज मोर, बुलबुल, मैना, कबूतर, चिड़िया, तोता जैसे पक्षी दाना चुगने आते हैं. यह नजारा देखने में बहुत खूबसूरत लगता है.

Advertisement