Nov 4, 2023, 22:00 IST

क्या इंसान का शरीर भी सांप-बिच्छू की तरह जहर बना सकता है, आपके थूक में ही है इस सवाल का जवाब

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इंसानों को सांप-बिच्छू से हमेशा बचाव की सलाह दी जाती है. क्योंकि इनके डंक में जहर होता है, जो कई बार लोगों की मौत का कारण भी बन जाता है. लेकिन क्या आपने कभी इस बारे में पूछा है कि इंसान भी सांप-बिच्छू की तरह जहर पैदा कर सकते हैं. जापान के वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसान ही नहीं बल्कि कई स्तनधारी जीव जहर पैदा कर सकते हैं.

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कुछ समय पहले जापान के ओकिनावा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने इस बारे में अध्ययन किया. स्टडी में पता चला कि इंसान भी जहर पैदा कर सकते हैं. बस उनके शरीर का वह हिस्सा जरूरत के हिसाब से ही विकसित होना चाहिए. जापान के वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों की फ्लैक्सिबल जींस सलाइवेरी ग्लैंड यानी लार ग्रंथियों को जहरीले और गैर जहरीले की अनुसार जीवों के अनुसार विकसित करता है. एनिमल किंगडम में जींस के प्रभाव के वजह से लार ग्रंथियां तकरीबन सौ बार विकसित हुई है या जरूरत के हिसाब से बदलती है.
रिसर्चरस का कहना है कि इंसान भी उसी स्तर का जहर पैदा कर सकता है. लेकिन इसके लिए लार ग्रंथियों का उसी तरह विकसित होना जरूरी है.वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे मॉलीक्यूलर मैकेनिक्स भी काम करता है. कई जीवों में एक हाउसकीपिंग जींस होता है, जो टॉक्सिंस यानी कि विषाक्त पदार्थों को शरीर के अंदर तैयार करता है. हालांकि यह जहर नहीं होता. जापान के वैज्ञानिकों ने आसानी से पाए जाने वाले ताइवान हाबू नाम के भूरे पिट वाइपर पर स्टडी की और पता लगाया कि कौन-सा जींस जहर पैदा करने के लिए आवश्यक होता है और यह सामान्य तौर पर किन-किन चीजों में पाया जाता है.
वैज्ञानिकों को कई जींस मिले, जो शरीर के अंदर मौजूद थे. शरीर के अंदर मौजूद टिश्यूज में ये जहर पैदा होता है. इन उतको से निकलने वाले केमिकल्स को अमीनोट्स कहा जाता है, जो कि जींस फोल्डिंग प्रोटींस बनाते हैं. इनसे बड़े पैमाने पर विषाक्त रसायन निकलता है. केमिकल्स प्रोटीन होते हैं. रिसर्च में हैरान कर देने वाली बात यह बात सामने आई कि कई इंसानो की लार ग्रंथियों में भारी मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्टिव प्रोटीन पैदान पैदा करते हैं.
रिसर्च में पता चला कि इंसानों की लार ग्रंथि से निकलने वाले थूक में कैलीक्रेन्स नाम का एक अलग प्रोटीन होता है, जो अन्य प्रोटीन को पचाने का काम करता है, जो स्थाई होते हैं और म्यूटेट नहीं होते. जबकि सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जानवरों में यह प्रोटीन म्यूटेट हो जाता है और जहर बनाने का सिस्टम विकसित होता रहता है. स्टडी में यह भी पता चला कि प्रोटीन दुनिया के सभी जीवो में किसी न किसी रूप में पाया जाता है और यह प्रोटीन इंसानों में भी सांप जैसे जहर को पैदा करने की क्षमता रखता है. लेकिन यह इंसानों में आसानी से विकसित नहीं हो पाता.

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