Thu, 29 Jul 2021

साबुन में जानवरों की चर्बी है या नहीं, किस तरह पता करें? यहां जाने

साबुन में जानवरों की चर्बी है या नहीं, किस तरह पता करें? यहां जाने

लोग नहाकर खुद को पवित्र मानते हैं. खासकर जो शाकाहारी लोग होते हैं, वह नहाकर ही भगवान की पूजा करने जाते हैं. उनको यह लगता है कि वह एकदम पवित्र होकर भगवान की पूजा के लिए जा रहे हैं. हालांकि बहुत से लोग इस बात से अनजान है कि साबुनों में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि हर साबुन में जानवर की चर्बी का प्रयोग नहीं होता.

साबुन में जानवरों की चर्बी है या नहीं, किस तरह पता करें? यहां जाने

भारतीय बाजार में बिकने वाले ज्यादातर साबुन टॉयलेट सोप होते हैं, जिन पर टॉयलेट सोप लिखा हुआ भी होता है. ऐसे साबुन गंदे हाथ धोने के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं. इनमें जानवरों की चर्बी भी होती है.नहाने के लिए उन्हीं साबुनों का इस्तेमाल करना चाहिए जिन पर बाथिंग सोप लिखा होता है. बाथिंग सोप में 76% से ज्यादा TFM की मात्रा होती है. ऐसे साबुनों को ग्रेड 1 सोप वाली लिस्ट में रखा जाता है. इस लिस्ट में डव साबुन, पियर्स और निरमा के कुछ प्रोडक्ट आते हैं.

कैसे करें अच्छे साबुन का चुनाव

अच्छे साबुन के चुनाव के लिए आपको TFM के बारे में जानकारी होनी चाहिए. TFM मतलब TOTAL FATTY MATERIAL होता है. TFM की मात्रा से ही साबुन की गुणवत्ता और वर्गीकरण का निर्धारण किया जाता है. साबुन में जितना ज्यादा TFM का प्रतिशत होगा, साबुन उतना ही अच्छा होगा.

कैसे पता करें साबुन में जानवरों की चर्बी है या नहीं

अगर आपको पता करना है कि साबुन में जानवरों की चर्बी है या नहीं तो आपको साबुन के रेफर पर TALLOW शब्द लिखा हुआ देखना चाहिए. अगर यह शब्द साबुन पर नहीं लिखा है तो आप इस साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं. नहीं तो आपको दूसरा साबुन देखना चाहिए.

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