Thu, 5 Aug 2021

भारत के इस मंदिर में कभी थी अद्भुत शक्ति, जो बड़े से बड़े जहाज को खींच लेती थी

भारत के इस मंदिर में कभी थी अद्भुत शक्ति, जो बड़े से बड़े जहाज को खींच लेती थी

भारत एक ऐसा देश है। जो रहस्यों से भरा हुआ है। कदम-कदम पर ऐसी जानकारियां सामने आती रहती हैं। जिन्हें जानने के बाद यकीन ही नहीं होता हिंदुस्तान का इतिहास भी कुछ इसी तरीके का है। जो अपने दामन में कई तरह के राज समेटे हुए हैं। ऐसे ही कुछ रोचक तथ्यों को आज हम आपके सामने पेश करने वाले हैं। सबसे पहले आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां 22 टन का चुंबक लगा हुआ है।

भारत के इस मंदिर में कभी थी अद्भुत शक्ति, जो बड़े से बड़े जहाज को खींच लेती थी

यह मंदिर है कोणार्क का सूर्य मंदिर वैसे तो कोणार्क मंदिर अपनी पौराणिक था और आस्था के लिए विश्व भर में फेमस है। लेकिन अन्य कारण यह भी है कि जिसकी वजह से समंदर को देखने के लिए दुनिया के कोने कोने से यहां पर लोग आते हैं।

कोणार्क के मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किए गए सूर्य भगवान के साक्षात दर्शन करने का सौभाग्य कम ही लोगों को प्राप्त होता है। भारत के इस ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जा चुका है। कहते हैं कि इस मंदिर में 52 टन का विशाल है चुंबक चुपका हुआ है।

पुरानी कथाओं के मुताबिक सूर्य मंदिर के शिखर पर 52 टन का चुंबकीय पत्थर लगा हुआ है यह पता समुद्र की कठिनाइयों को कम करता है इसकी बदौलत मंदिर समुद्र के किनारे सैकड़ों दर्शकों से खड़ा हुआ है। एक ऐसा समय भी था जब मंदिर का मुख्य चुंबक अन्य युवकों के साथ इस तरह की व्यवस्था से सजाया हुआ था कि मंदिर की मूर्तियां हवा में तैरती हुई नजर आती थी।

लेकिन मंदिर की है ताकत चंबे की व्यवस्था आधुनिक काल की शुरुआत में समस्या बनने लगी थी। चुंबकीय शक्ति इतनी ज्यादा तेज थी कि पानी के जहाज भी यहां की तरफ खिंचे चले आते थे। अंग्रेजों के काल में जब उन्हें नुकसान होने लगा तो उन्होंने मंदिर के अंदर लगेज चुंबक को निकाल दिया लेकिन इससे जो हुआ उसका किसी को भी अंदाजा नही था।

पूरे मंदिर को चुंबक की व्यवस्था के हिसाब से बनाया गया था। विशालकाय चुंबक को निकालने की वजह से मंदिर का संतुलन पूरी तरीके से बिगड़ गया है जिसकी वजह से मंदिर की कई दीवारें और पत्थर भी गिरने लगे।

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